रांची, अप्रैल 9 -- रांची, वरीय संवाददाता। संवाद के रजत जयंती समारोह में दूसरे दिन गुरुवार को देशज गणतंत्र पर चर्चा करने के लिए देशभर के सामाजिक कार्यकर्ता जुटे। जल पुरुष राजेंद्र सिंह ने कहा कि प्रकृति से टूटा रिश्ता ही जलवायु संकट की जड़ है। एसडीसी सभागार में चल रहे आयोजन में उन्होंने कहा, जब मानवीय संवेदनाएं प्रकृति से अलग होती हैं, तो वहीं से पर्यावरण संकट का जन्म होता है। एक समय था कि जब भारत अपनी जीवनशैली और परंपराओं के माध्यम से विश्व को प्रकृति के साथ तादात्म्य बिठाकर जीना सिखाता था। लेकिन आज हम सिखाने के लायक नहीं हैं। उन्होंने कहा कि यदि हम अपनी जड़ों और प्रकृति के प्रति अपने उत्तरदायित्व को पुन: नहीं अपनाते हैं तो यह संकट और गहराएगा। इस दौरान पद्मश्री सिमोन उरांव के जीवन पर आधारित बीजू टोप्पो की प्रसिद्ध फिल्म झरिया का प्रदर्शन ...