प्रकृति संतुलन बनाने के लिए हमारा इंतजार नहीं करेगी
नई दिल्ली, जून 7 -- राणा प्रताप सिंह, मानद निदेशक, सीएसएई समुद्री तापमान में उतार-चढ़ाव के साथ ही हवा के रुख के अनुकूल गर्म और ठंडे पानी के बदले बहाव ने इस वर्ष जलवायु जनित आपदाओं को तेज कर दिया है। गर्मी के और भयानक होने की आशंका है। आपने गौर किया होगा, अप्रैल के आखिरी दिनों में कई इलाके गर्म हो गए थे, पर मई शुरू होते ही बारिश आ गई और तैयार फसलें खराब हो गईं। कई क्षेत्रों में तेज आंधी ने भी खूब उत्पात मचाया। हालांकि, जल्द ही तापमान फिर से 45 से 50 डिग्री सेल्सियस पहुंचने लगा। बिजली की मांग और आपूर्ति का असंतुलन अलग से। जाहिर है, त्राहि-त्राहि मचनी थी। गर्मी बढ़ते ही पंखे, कूलर और एसी चलने लगे। थोड़े दिन ही सही, इस साल सर्दी भी खूब पड़ी। बारिश का तो अब कोई हिसाब ही नहीं रहा। इस बार सुपर अल नीनो और ला नीना जैसी प्राकृतिक घटनाओं की भी आशंका ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.