प्रकृति प्रेमियों ने देखी चम्बल क्षेत्र की जैव विविधता
इटावा औरैया, मार्च 22 -- सोसाइटी फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर की ओर परिवर्तन समिति की ओर से नेचर वॉक का आयोजन किया गया। इसमें भरेह, चकरनगर स्थित यमुना और चंबल नदी के संगम स्थल पर प्रकृति प्रेमी पहुंचे। यह क्षेत्र प्राकृतिक और जैव विविधता की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। नेचर वॉक में डॉ. राजीव चौहान ने बताया कि नदियाँ केवल जल का स्रोत ही नहीं हैं बल्कि सम्पूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र की जीवनरेखा हैं। यमुना और चंबल का संगम क्षेत्र अनेक जलीय जीवों, पक्षियों तथा वन्यजीवों के लिए महत्वपूर्ण आवास प्रदान करता है। परिवर्तन समिति के संजय सिंह चौहान ने कहा कि पूरी दुनिया में जल संरक्षण और जल संसाधनों के सतत उपयोग के लिए जागरूकता बढ़ाए जाने की जरुतर है। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के आह्वान पर विभिन्न देशों में जल संकट, नदियों के संरक्षण तथा स्वच्छ जल की उपलब्ध...
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