जमशेदपुर, फरवरी 23 -- आदिवासी संस्कृति के पावन पर्व बाहा के शुभ अवसर पर विभिन्न आदिवासी बहुल इलाकों में पारंपरिक 'बाहा सेंदरा' का भव्य आयोजन किया गया। परसूडीह, सरजमदा, छोलागोड़ा, शंकरपुर, पोंडेहासा, सुंदरनगर और बुलनगोड़ा जैसे क्षेत्रों में उत्सव का खास उत्साह देखने को मिला, जहाँ ग्रामीणों ने अपनी सदियों पुरानी परंपराओं को जीवंत रखा। परंपरा और सेंदरा का आयोजन बाहा पर्व प्रकृति के प्रति आभार प्रकट करने का त्योहार है। इस अवसर पर 'बाहा सेंदरा' की परंपरा निभाई गई, जिसमें ग्रामीणों ने संगठित होकर हिस्सा लिया। परंपरा के अनुसार, गांव-गांव में युवाओं और पुरुषों की टोलियों ने मुर्गियों का शिकार किया। यह प्रक्रिया केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि आदिम संस्कृति और सामूहिक एकजुटता का प्रतीक मानी जाती है। सामूहिक भोज और सांस्कृतिक मिलन शिकार के पश्चात, शाम को...