वाराणसी, अप्रैल 15 -- वाराणसी। मैथिल समाज उत्तर प्रदेश की तरफ से मंगलवार को चौखंभा स्थित भारतेन्दु भवन में मिथिला नववर्ष (जुड़शीतल) मनाया गया। मुख्य अतिथि उपजिलाधिकारी परमानंद झा और अतिथियों ने कवि कोकिल विद्यापति के चित्र पर माल्यार्पण कर समारोह का उद्घाटन किया। उपजिलाधिकारी परमानंद झा ने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग बढ़ते खतरे के बीच जुड़शीतल जैसे त्योहार हमें प्रकृति के प्रति प्रेम, सद्धाव और संरक्षण की प्रेरणा देते है। जुड़शीतल हमारे पूर्वजों के गहरी वैज्ञानिक सोच को दर्शाता है। इस दिन मिथिला में चूल्हा नहीं जलता। लोग बासी भात, दही, बड़ी आदि का भोजन ग्रहण करते हैं जो शरीर को ठंडक देता है। यह भी पढ़ें- प्रकृति प्रेम का प्रतीक मिथिला का पारंपरिक लोक पर्व 'जुड़ शीतल' आज मिथिला मोद पत्रिका का लोकार्पण करते हुए संस्था के प्रदेश अध्यक्ष निरसन कुम...
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