गोड्डा, फरवरी 27 -- बोआरीजोर प्रतिनिधि। बोआरीजोर में बोआरीजोर संथाली में आदिवासियों की ओर से गुरुवार को प्रमुख प्रकृति पर्व बाहा अत्यंत धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। पर्व को लेकर समाजसेवी सच्चिदानंद सोरेन ने बताया कि बाहा पर्व तीन दिनों तक मनाया जाता है। प्रथम दिन - जाहेर दाप माह इस दिन पूजा स्थल जाहेर थान में छावनी बनाई जाती है और स्थल की तैयारी की जाती है। द्वितीय दिन बोंगा माह इस दिन ग्रामीण गांव के नायकी (पुजारी) को उनके आंगन से नाच-गान के साथ जाहेर थान तक ले जाते हैं। वहां पहुंचने पर नायकी बोंगा दारी (पूज्य पेड़) सारजोम पेड़ (सखवा पेड़) के नीचे पूजा स्थलों का गोबर और पानी से शुद्धिकरण करते हैं,जिसे गेह-गुरिह कहा जाता है। इसके बाद सिंदूर, काजल आदि अर्पित कर मातकोम (महुआ) और सखवा के फूल चढ़ाए जाते हैं। बाहा पर्व में जाहेर ऐरा,...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.