कौशाम्बी, अप्रैल 4 -- गेहूं की फसल पककर तैयार होने के बाद से अब तक पांच बार हो चुकी बेमौसम बारिश से फसलों को भारी नुकसान होने लगा है। काटने के बाद खेतों में पड़ी व बोझ बनी फसलों के भीग जाने पर उन्हें समेटने व सुखाते वक्त किसान फफक कर रो पड़ते हैं। हालात ऐसे हो गए हैं कि फसलों को प्रकृति के प्रकोप से बचाने के लिए अन्नदाताओं को कोई राह नहीं सूझ रही है। दोआबा में इस बार रबी की खेती के लिए मौसम का मिजाज अभिशाप साबित हो रहा है। खेतों में रबी की सभी फसलें जैसे ही पककर कटाई के लिए तैयार हुईं कि बेमौसम बारिश व तूफान ने नुकसान करना शुरू कर दिया। शनिवार सुबह पखवारे भर में जिले में पांचवीं बार बारिश हुई। तेज हवाओं के चलने से जहां कटे पड़े गेहूं व उनके बोझ इधर-उधर उड़ जा रहे हैं, वहीं भीग भी जाते हैं। ऐसे में बोझ को सुखाने व इधर-उधर बिखरे गेहूं को समेटते...
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