प्यार, तिरस्कार व परिजनों की नाराजगी से अंदर से टूट गया था बंदी
बांदा, जून 12 -- अतर्रा। मृतक बंदी का अभिषेक की मौत के मामले में भले ही परिजन हत्या का आरोप लगाकर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।, लेकिन प्यार,तिरस्कार और परिवारी जनों की नाराजगी से अंदर से टूट गया था। उसके व्यवहार से नाराज होकर उससे मिलना भी नहीं चाहता था। जिसके चलते जेल जाने के बाद उससे कोई मिलने नहीं गया था। परिजनों का कहना था कि जैसा तुमने किया है वैसा भुगतोगे। ऐसा ही कुछ कहना है कि उसके चाचा का जिसकी बेटी को भगा ले गया था। कहा कि उसको उसके किए की फल मिला है। यही कारण है कि शुक्रवार को चार लोग कंधा देने के लिए नहीं मिल रहे थे। पुलिस व जेल प्रशास ने किसी तरह लोगों को मान मन्नौवल कर अंतिम संक्कार कराया है। यह भी पढ़ें- जेल में विचाराधीन बंदी ने फांसी लगाकर की ख़ुदकुशीपरिवार का आरोप मृतक के दूसरे चाचा ने बताया कि उसका भतीजा अभिषेक तीन माह स...
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