नई दिल्ली, अगस्त 24 -- सावन में प्याज से भले ही लोग दूरी बनाए हुए हैं और त्योहार अभी दूर हैं तो चीनी की रिटेल डिमांड भी बहुत अधिक नहीं है, लेकिन ये दोनों चीजें आम आदमी की कमर तोड़ने की होड़ लगा रखी हैं। एक महीने पहले 25 रुपये मिलने वाला प्याज कई जगहों पर 65 रुपये के पार है तो चीनी 70 रुपये किलो के ऊपर चली गई है। हालांकि, मोदी सरकार भी प्याज और चीनी के दाम पर लगाम लगाने के लिए पूरी तरह कमर कस चुकी है।प्याज क्यों हो रहा महंगा देशभर में प्याज के दाम तेजी से बढ़ने की वजह अचानक मांग बढ़ना नहीं, बल्कि पुराने रबी स्टॉक के खत्म होने और नई फसल की आवक के बीच पैदा हुआ मौसमी अंतर है। उपभोक्ता मामलों के विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 22 अगस्त को देश में प्याज की औसत खुदरा कीमत करीब 42 रुपये प्रति किलो पहुंच गई। यह भी पढ़ें- प्याज के दाम कम करने को चली म...