नई दिल्ली, मार्च 9 -- सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को प्याज और लहसुन में 'तामसिक' या 'नेगेटिव' तत्व है या नहीं, इस पर शोध कराने की मांग को लेकर दाखिल जनहित याचिका खारिज कर दी। शीर्ष अदालत ने इसके साथ ही, याचिकाकर्ता को फटकार लगाते हुए कहा कि यह पूरी तरह से आधारहीन और बेमतलब की याचिका है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने याचिकाकर्ता व अधिवक्ता सचिन गुप्ता से कहा कि आप जैन समुदाय की भावनाओं को ठेस क्यों पहुंचाना चाहते हैं? इस पर याचिकाकर्ता जो खुद से पक्ष रख रहे थे, ने पीठ से कहा कि यह मामला बहुत आम है, गुजरात में हाल ही में खाने में प्याज की वजह से एक तलाक हो गया। इसके बाद मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने नाराजगी जताते हुए कहा कि अगली बार जब आप इस तरह की आधारहीन याचिका दाखिल करेंगे तो आप देखेंगे कि हम क्या करेंगे? ...