हरिद्वार, दिसम्बर 16 -- धर्मनगरी के सारे गुरुद्वारों में पौष माह की संक्रांति श्रद्धा और आस्था के साथ मनाई गई। संगत ने श्रीगुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष माथा टेका और गुरबाणी का श्रवण किया। कनखल स्थित निर्मल संतपुरा गुरुद्वारे में संत बलजिंदर सिंह शास्त्री और ज्ञानी पंकज सिंह ने पौष माह का धार्मिक महत्व बताया। उन्होंने कहा कि यह महीना शहादत का प्रतीक है। इस दौरान कोई भी शुभ कार्य नहीं किए जाते। परमात्मा का सिमरन करने से जीवन में सुख और शांति मिलती है। संत जगजीत सिंह शास्त्री ने बताया कि चार साहिबजादों और माता गुजरी की शहादत का स्मरण करते हुए 21 से 28 दिसंबर तक रोज शाम को सुखमनी साहिब का पाठ होगा। ज्ञान गोदड़ी के लिए मूल स्थान आवंटित हो प्रेमनगर चौक स्थित निर्मल विरक्त कुटिया डेरा कार सेवा ऐतिहासिक गुरुद्वारे में भी ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की...
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