बरेली, अप्रैल 27 -- एसआरएमएस रिद्धिमा में रविवार को डॉ. प्रभाकर गुप्ता लिखित कहानी और पौलस्त्य का मंचन हुआ। इसका नाट्य रुपांतरण अश्वनी कुमार ने किया है। विनायक श्रीवास्तव निर्देशित इस नाटक में पौलस्त्य (रावण) के जीवन के अनदेखे आयामों को मंचित किया गया। इसमें रावण को शिवभक्त, विद्वान, राजनीतिज्ञ, संगीतज्ञ और धर्मशास्त्रों के ज्ञाता के रूप में प्रस्तुत किया गया है। नाटक का आरंभ इक्ष्वाकु वंश के एक राजा अनरण्य और युवा रावण यानि दसग्रीव के द्वंद्व युद्ध से होता है। दसग्रीव अनरण्य को तो पराजित करता ही है साथ में उसके इक्ष्वाकु कुल का भी अपमान करता है। इससे नाराज अनरण्य दसग्रीव को शाप देता है कि हमारे इक्ष्वाकु कुल में पैदा वीर ही तुम्हारा अंत करेगा। यह भी पढ़ें- राजतिलक प्रसंग के साथ श्रीराम कथा संपन्न कुछ समय बीतने के बात युवा दसग्रीव रावण के...
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