जौनपुर, मार्च 8 -- जौनपुर, कार्यालय संवाददाता। हम जिस मिट्टी में उपजे अन्न को खाते हैं वह मिट्टी बीमार है। कहीं नाइट्रोजन की कमी है तो कहीं सल्फर और जिंक की कमी के कारण इनमें पौधों का विकास प्रभावित हो रहा है। नाइट्रोजन, फास्फोरस, गंधक, सल्फर और जिंक जैसे प्रमुख पोषक तत्वों की कमी के कारण पौधों पर बौनेपन का खतरा मंडरा रहा है। पूर्वांचल में 'धान का कटोरा' कहे जाने वाले चंदौली जिले की मिट्टी की सेहत कुछ ज्यादा ही खराब है। यहां 12 पोषक तत्वों में से छह में 50 फीसदी से अधिक की कमी है। यानी यहां की मिट्टी 'रेड' सिग्नल अधिक दे रही है। जौनपुर और वाराणसी की भी स्थिति चिंताजनक है।कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की तरफ से प्रत्येक जिले में मिट्टी की सेहत कैसी है, इसकी जांच करायी जाती है। वर्ष 2025-26 में जो नमूना एकत्रित करके जांच करायी गई, उसकी अब ...