लखनऊ, अप्रैल 9 -- लखनऊ, वरिष्ठ संवाददाता।ट्रांसपोर्टनगर स्थित आरटीओ कार्यालय में ओटीटी (वन टाइम टैक्स) योजना के तहत डेटा फीडिंग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां वर्ष 1995 में पंजीकृत एक मालवाहक वाहन (यूपी 32 टी 1041) का टैक्स पोर्टल पर महज एक रुपया दिखाई दिया, जिसे रिबेट के बाद शून्य कर दिया गया। इसी तरह 75 से अधिक वाहनों का ओटीटी शून्य से लेकर 2025 रुपये तक ही बन रहा है।एआरटीओ प्रशासन पीके सिंह ने समीक्षा के दौरान पाया कि 'वाहन-4' सॉफ्टवेयर पर इन गाड़ियों का क्रय मूल्य गलत दर्ज होने के कारण टैक्स की गणना गलत हो रही है। कम टैक्स देखकर कई मालिकों ने आनन-फानन में इसे जमा भी कर दिया। विभाग ने इन सभी वाहनों को ब्लैकलिस्ट कर दिया है। प्राथमिक जांच में पाया गया कि ऑफलाइन डेटा को ऑनलाइन करने के दौरान कार्यालय स्तर पर गलतियां हुई हैं। प्रशासन ने...