नई दिल्ली, सितम्बर 9 -- पिता के जिंदा रहते क्या पोता दादा की जमीन पर अपना हक जता सकता है? राजस्थान में जमीन के ऐसे ही एक मामले में पोते ने अपने पिता और चाचा को दादा की 75 बीघा जमीन बेचने को हाईकोर्ट में चुनौती दी। पोते का दावा था कि दादा की जमीन में उसका भी हिस्सा है और उसकी सहमति के बिना जमीन नहीं बेची जा सकती। लेकिन मामला सिर्फ दादा की जमीन होने तक सीमित नहीं था। सवाल यह था कि दादा की मृत्यु के बाद उनके बेटों को मिली जमीन क्या पोते के लिए पैतृक संपत्ति बनी या पिता की पर्सनल विरासत होगी? राजस्थान हाईकोर्ट ने दादा की जमीन पर पोते के अधिकार को लेकर एक अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने साफ किया कि केवल इस आधार पर कि जमीन उसके दादा की थी, पोता उस पर अपना जन्मसिद्ध या पैतृक अधिकार नहीं जता सकता। अगर दादा की मृत्यु बिना वसीयत के होती है और उनकी सं...