किशनगंज, अप्रैल 14 -- पोठिया। निज संवाददाता पोठिया प्रखंड क्षेत्र में मक्का की खेती पिछले कई वर्षों से किसानों के लिए आय का एक प्रमुख साधन बन गया है। यहां के अधिकांश किसान पारंपरिक फसलों के साथ-साथ मक्का उत्पादन को अपनी आजीविका का महत्वपूर्ण हिस्सा मानते रहे हैं। लेकिन बीते कुछ वर्षों में बदलते जलवायु परिस्थितियों ने इस खेती को गंभीर संकट में डाल दिया है। किसान दीप नारायण सिंह,टीकेन सिंह,बदल सिंह, मो. जावेद, मो. कालो, मो. साफितुलहा, का कहना है कि बेमौसम बारिश, तेज आंधी-तूफान और ओलावृष्टि जैसी प्राकृतिक आपदाओं की आवृत्ति बढ़ गई है, जिससे मक्का की फसल को भारी नुकसान हो रहा है। यह भी पढ़ें- बदलते मौसम के मिजाज ने मक्का उत्पादकों की बढ़ाई परेशानी समय से पहले बारिश होने के कारण फसल पकने से पहले ही खराब हो जाती है, वहीं ओलावृष्टि से दानों की गुण...
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