दुमका, अप्रैल 4 -- दुमका, प्रतिनिधि।पॉलीथीन पर्यावरण के लिए अत्यंत घातक है। सैकड़ों वर्षो तक यह नष्ट नहीं होता है। इतना ही नहीं मिट्टी, पानी व वायु को भी प्रदूषित करता है। शहरी क्षेत्र में धड़ल्ले से पॉलीथीन के उपयोग से शहरी क्षेत्र के विकास में भी कई तरह से बाधक होता जा रहा है। इसके उपयेग के बाद कचरा के तौर पर जहां-तहां इसे फेंके जाने के वजह से शहर के नालियों को जाम तो करता है कि मवेशियों के लिए भी यह जानलेवा साबित होता है। इतना ही नहीं मिट्टी की उर्वरता को भी नष्ट कर देता है। कचरे के रूप में जब इसे शहरी क्षेत्र या अन्य जगहों में जलाया जाता है तो इससे हानिकारक रासायनों जैसे डायोक्सिन का उत्सर्जन होता है जो वायु को प्रदूषित कर देता है और यह कैंसर व सांस की बिमारी का कारण बन जाता है। ऐसे तो सरकार की ओर से भी सिंगल यूज पॉलीथीन पर प्रतिबंध ल...
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