अलीगढ़, मई 25 -- अलीगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। पॉलीथिन मुक्त अलीगढ़ को तमाम दावे किए जा रहे हैं, लेकिन कचरे में पॉलीथिन ही पॉलीथिन दिखाई देती है। एटूजेड के प्लांट पर आने वाले कचरे में 10 से 15 फीसदी पॉलीथिन कूड़े में रहती है। यही नहीं सीवर लाइनों व नालों के माध्यम से भी पॉलीथिन एसटीपी प्लांट तक पहुंच रही है। वहां पर पॉलीथिन अलग करने के लिए अलग से जाल लगाया गया है। पॉलीथिन के उत्पादन पर रोक नहीं लग पा रही है, जिसके कारण बिक्री भी नहीं थम रही है। नगर निगम सालाना चार से पांच लाख रुपये पॉलीथिन की कार्रवाई में जुर्माना वसूल करता है। सरकार और प्रशासन भले ही हर साल बड़े दावों के साथ 'प्लास्टिक मुक्त दिवस' की औपचारिकताएं पूरी कर लें, लेकिन ताला नगरी अलीगढ़ के बाजारों और नालों की हकीकत कुछ और ही बयां करती है। नगर निगम और जिला टास्क फोर्स की तमाम बंदिश...