पॉक्सो में रजामंदी कोई मतलब नहीं. DNA रिपोर्ट से जेल पहुंचा रेप का दोषी
नई दिल्ली, सितम्बर 9 -- निखिल पाठक, नई दिल्ली दिल्ली की द्वारका जिला अदालत ने साल 2019 में 15 साल की बच्ची के अपहरण, मारपीट और दुष्कर्म के मामले में दोषी विनोद उर्फ विक्की (33 वर्ष) को सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने पीड़िता को पहुंचे मानसिक और शारीरिक आघात की भरपाई के लिए 10.50 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रोहित गुलिया की अदालत ने कहा कि मामले में प्रस्तुत वैज्ञानिक साक्ष्य और डीएनए रिपोर्ट आरोपी के अपराध को संदेह से परे साबित करते हैं। अदालत ने आरोपी को पॉक्सो अधिनियम की धारा चार, आईपीसी की धारा 363, 323 और 506 के तहत दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।जांच रिपोर्ट ने निभाई अहम भूमिका विशेष लोक अभियोजक अनुराग कुमार ने बताया कि मामले में सबसे अहम भूमिका रोहिणी स्थित फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी ...
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