नई दिल्ली, मार्च 1 -- नई दिल्ली, कार्यालय संवाददाता। रोहिणी जिला अदालत ने दुष्कर्म (पॉक्सो) मामले में पुलिस की दो अलग रिपोर्टों में सामने आए विरोधाभास पर सख्त रुख अपनाया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रजनी रंगा ने जांच की स्थिति को लेकर स्पष्टता न होने पर दिल्ली पुलिस आयुक्त से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। मामला मंगोलपुरी थाने में 13 अगस्त 2025 को दर्ज मुकदमे से जुड़ा है। पीड़िता की पैरवी कर रही अधिवक्ता अदिति सिंह ने बताया कि 19 फरवरी को पेश रिपोर्ट में कहा गया था कि जांच पूरी हो चुकी है और आरोपपत्र दाखिल करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। लेकिन आठ दिन बाद 27 फरवरी को पेश नई रिपोर्ट में कहा गया कि जांच अभी लंबित है। इसमें पीड़िता की नानी के बयान दर्ज करने, चिकित्सा दस्तावेजों पर विशेषज्ञ राय लेने और स्वतंत्र गवाहों की तलाश का जिक्र था। अदालत...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.