नई दिल्ली, सितम्बर 25 -- नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। हाईकोर्ट ने सात साल की बच्ची के यौन शोषण के दोषी को सजा सुनाते हुए सत्र अदालत द्वारा पीड़िता के लिए लिखे गए संदेश की सराहना की है। कोर्ट ने दिल्ली विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) को निर्देश दिया है कि आरोपी को दोषी ठहराते हुए सत्र अदालत के न्यायाधीश द्वारा पीड़िता के नाम लिखा संदेश प्रिंट कराकर उसे सौंपा जाए। साथ ही पीड़िता को 10.50 लाख मुआवजा दिया जाए। न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह और दिनेश भट्ट की पीठ ने डीएलएसए के सचिव को इस निर्देश का दो सप्ताह के भीतर पालन करने को कहा है। पीठ ने यह आदेश सुमित शाक्य की उस अपील पर सुनवाई के दौरान दिया, जिसमें उसने पॉक्सो मामले में अपनी दोषसिद्धि व सजा को चुनौती दी थी। इस मामले में अपील पर 20 जनवरी 2027 को सुनवाई होगी। यह मामला बुध विहार थाने में दर्ज प...