नई दिल्ली, मार्च 15 -- नई दिल्ली, कार्यालय संवाददाता। कड़कड़डूमा स्थित पॉक्सो अदालत ने दोपहिया वाहन चोरी के मामले में संरक्षण गृह में रखे एक किशोर को रिहा करने का आदेश दिया है। अदालत ने कहा कि किसी भी किशोर के सुधार के लिए माता-पिता का भावनात्मक सहयोग और पारिवारिक माहौल बेहद जरूरी होता है। विशेष न्यायाधीश सौमित्र कुमार की अदालत ने अपने आदेश में कहा कि किशोर को छह महीने की संरक्षणात्मक हिरासत में भेजा गया था, जिसमें से वह दो महीने की अवधि पूरी कर चुका है। अदालत ने यह भी ध्यान में रखा कि किशोर एचआईवी-एड्स से पीड़ित है और उसे बेहतर चिकित्सा देखभाल की आवश्यकता है।मामले में किशोर की मां ने अदालत से हिरासत के आदेश में संशोधन की मांग की थी। उनके वकील ने दलील दी कि नोटिस जारी करने की प्रक्रिया कानून के अनुरूप नहीं थी और किशोर को पारिवारिक माहौल म...
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