नई दिल्ली, जुलाई 28 -- पेपर लीक के आरोप में जंतर-मंतर हुए छात्रों के आंदोलन के दौरान भीड़ हटाने के लिए पुलिस बल द्वारा कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए पैलेट गन के पीड़ित युवकों ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। शीर्ष अदालत में दाखिल याचिका में पैलेट गन के इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग की गई है। अनुच्छेद-32 के तहत सीधे सुप्रीम कोर्ट में एक पूर्व आईपीएस अधिकारी यशोवर्धन और दो अन्य लोगों प्रशांत कुमार सिंह और शेख इरशाद मंसूरी ने दाखिल की है। याचिकाकर्ता सिंह और मंसूरी ने याचिका में दावा कि वे 20 जुलाई को पेपर लीक के मुद्दे पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) द्वारा आयोजित संसद चलो मार्च में शामिल हुए और इस दौरान रैपिड एक्शन फोर्स द्वारा दागे गए पेलेट्स के शिकार हो गए। यह भी पढ़ें- CJP के प्रोटेस्ट में दिल्ली पुलिस को दिखे करीब 3 हजार अपराधी,...