नई दिल्ली, अक्टूबर 7 -- बच्चे के एक्जाम खत्म होते ही पैरेंट्स-टीचर मीटिंग ऑर्गनाइज की जाती है। इस मीटिंग में पहुंचते ही पैरेंट्स अपने बच्चे के मार्क्स, प्रोग्रेस और एकेडमिक परफार्मेंस के बारे में टीचर से पूछना शुरू कर देते हैं। जबकि ये सारी एकेडमिक परफॉर्मेंस बच्चे के रिपोर्ट कार्ड और घर पर परीक्षाओं की तैयारी के दौरान आपने देखी होती है। तो सवाल मन में आता है कि इस पैरेट्स-टीचर मीटिंग का मतलब क्या है? दरअसल, इस पीटीएम में आपको बच्चे के स्कूल लाइफ के बारे में जानकारी इकट्ठा करनी चाहिए। जैसे वो किस तरह के बच्चों के साथ दोस्ती करता है, क्लास में उसके कितने फ्रेंड्स हैं। बच्चा क्लास में सवाल पूछता है या नहीं, अपनी परेशानी टीचर को बता पाता है या नहीं, ऐसे ही कई सारे सवाल बच्चे के बारे में पूछने से आपको उसकी पर्सनैलिटी के बारे में पता चलेगा। इस...