आगरा, दिसम्बर 26 -- पैरवी न हो पाने के कारण जिला जेल में दो माह से सजा काट रहे कैदी की हाईकोर्ट में पैरवी कर सत्यमेव जयते ट्रस्ट ने जेल से बरी कराया है। इलाहबाद हाईकोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को गलत ठहराते हुए 1984 के डकैती प्रकरण में 1987 में दोष सिद्ध हुए कैदी को बरी किया है। लाखन सिंह नाम के इस व्यक्ति को 1984 में लूट की एक घटना में आरोपित माना था। 1987 में कोर्ट द्वारा उसे दोषी सिद्ध करने पर जेल जाना पड़ा। हाईकोर्ट से उसने जमानत करा ली, लेकिन परिवार में कोई न होने के कारण उसकी आगे पैरवी नहीं हो पाई। इस कारण हाईकोर्ट के आदेश पर उसको दो माह पहले पुनः जेल जाना पड़ा। संज्ञान में आने पर सत्यमेव जयते ट्रस्ट ने उसको न्याया दिलाने का बीड़ा उठाया। स्थानीय अदालत से लेकर उच्च न्यायालय इलाहाबाद तक ट्रस्ट के ट्रस्टी व युवा अधिवक्तागण रोहित अग्रवा...
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