भागलपुर, जनवरी 25 -- आईएमए के वार्षिक चिकित्सा सम्मेलन पर आयोजित सीएमई भागलपुर, वरीय संवाददाता। बदलती जीवनशैली व सिगरेट-शराब की यारी लोगों को क्रॉनिक पैन्क्रियाटाइटिस बीमारी का शिकार बना रही है। बीते दो दशक में इसके मामले में 125 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी देखने को मिली है। ऐसे में इस बीमारी से बचनी है तो सबसे पहले लोगों को सिगरेट व शराब की आदत से बचना होगा। ये बातें डॉ. पंकज कुमार सोनार ने आईएमए भागलपुर के वार्षिक चिकित्सा सम्मेलन के अवसर पर आईएमए हॉल में आयोजित सीएमई में क्रॉनिक पैन्क्रियाटाइटिस विषय पर कही। उन्होंने कहा कि अगर पेट के ऊपरी हिस्से में लगातार दर्द, भोजन के बाद दर्द बढ़ना, वजन तेजी से घटना, उल्टी, दस्त और चिकनाईयुक्त मल होता है तो आपको तत्काल ही चिकित्सक को दिखाकर अपनी जांच करानी चाहिए। क्योंकि इस रोग के प्रति अनदेखी आगे चलकर उ...
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