मुरादाबाद, जून 17 -- नगर के मोहल्ला नूरउल्लाह स्थित सिद्दीके अकबर मस्जिद में बुधवार को गुलामाने सिद्दीके अकबर की जानिब से सालाना दस रोज़ा पैग़ाम-ए-कर्बला कॉन्फ्रेंस का आग़ाज़ हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ हाफ़िज़ मुहम्मद तहज़ीब रज़ा ने कुरआन पाक की तिलावत से किया जबकि नबी-ए-करीम की शान में नातिया कलाम भी पेश किया गया। पहली शब में ख़िताब करते हुए मुफ्ती मुज़फ्फर हुसैन मिस्बाही ने तौहीद-ए-बारी तआला पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अल्लाह एक है, उसका कोई शरीक नहीं है। इंसान को अपनी ज़िंदगी नेकियों में गुज़ारनी चाहिए क्योंकि मौत एक अटल हक़ीक़त है। उन्होंने कहा, कोई तो है जो निज़ाम-ए-दुनिया चला रहा है, वही ख़ुदा है। यह भी पढ़ें- कुंदरकी में यौमे शहादत पर हुई फैज़ाने फारूक़े आज़म कॉन्फ्रेंस अंत में सलातो-सलाम के बाद मुल्क में अमन, भाईचारे और खुशहाली के ल...