रुडकी, दिसम्बर 18 -- मदरसा इरफानुल उलूम रामपुर में गुरुवार को सालाना जलसे में हजरत मौलाना मोहम्मद हुसैन कासमी ने कहा कि आखिरी पैगंबरे-इस्लाम हजरत मोहम्मद (सल्ल) को अल्लाह ने किसी एक कौम का नहीं, बल्कि पूरे आलम के लिए रहमत बनाकर भेजा। मोहम्मद का कार्य किसी एक कौम या मुल्क या दौर के लिए मखसूम नहीं है। उन्होंने कहा कि एक खुदा की बंदगी और पवित्र आचरण की शिक्षा को हमेशा दुनिया के सच्चे पैगंबर पहले से ही देते रहे हैं और वही हजरत मोहम्मद ने भी दी है। आज हमें उन्हीं की शिक्षाओं पर चलने की जरूरत है। जो शिक्षा हमें हजरत मोहम्मद ने दी है। कहा कि आज हमें परस्पर एक दूसरे से मोहब्बत करने, एक दूसरे के पास बैठने और एक दूसरे से मुलाकात करने के साथ ही आपस में एक दूसरे पर खर्च करने की भी जरूरत है। कहा कि इस्लाम की शिक्षा यह है कि हम सबसे प्रेम करें, सब के ...
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