सहरसा, मार्च 28 -- सहरसा। मध्य-पूर्व में युद्ध से उपजे संकट का असर सुधा डेयरी प्लांट पर भी पड़ा है। अब पैकेटबंद सुधा दूध की आपूर्ति पर भी खतरा मंडराने लगा है। दरअसल, दो लाख लीटर प्रतिदिन दूध उत्पादन क्षमता वाला सुधा डेयरी का सुपौल स्थित प्लांट गैस आधारित है। मध्य-पूर्व में युद्ध के कारण गैस और अन्य पेट्रोलियम पदार्थों की किल्लत होने से यह प्लांट गैस सिलेंडर और पैकेजिंग सामग्रियों की कमी से जूझ रहा है। प्लांट के समक्ष सबसे बड़ी समस्या हिंदुस्तान पेट्रोलियम (एचपी) पूर्णिया की ओर से पिछले 05 मार्च से गैस सिलेंडर की आपूर्ति बंद कर दिया जाना बनी। 21 दिन बाद 26 मार्च को पांच टन यानी 100 सिलेंडर की आपूर्ति मिली तो वह भी खपत के मुताबिक मात्र साढ़े तीन दिन ही चल सकेगी। इसके अलावा पैकेजिंग सामग्री की कीमतों में भी 50 से 60 फीसदी का इजाफा हो गया है। व...
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