रांची, अप्रैल 15 -- खूंटी, संवाददाता। पारंपरिक ग्रामसभा समन्वय समिति, झारखंड के बैनर तले आदिवासी समाज ने पेसा झारखंड नियमावली 2025 के विरोध में आवाज बुलंद की। बुधवार को समाज का एक प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त आर रॉनिटा से मिला और राज्य के मुख्यमंत्री, राज्यपाल व पंचायत राज मंत्री के नाम एक विस्तृत स्मार-पत्र सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में ग्लैडसन डुंगडुंग, दामू मुंडा, मार्शल बारला, बिनसाय मुंडू, भोला पाहन सहित कई पारंपरिक नेता शामिल थे। सभी ने एक स्वर में कहा कि नई नियमावली आदिवासियों की सदियों पुरानी ग्रामसभा व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास है। स्मार-पत्र में कहा गया कि पेसा झारखंड नियमावली 2025 के तहत सरकार पारंपरिक ग्रामसभाओं को नजरअंदाज कर सरकारी ग्रामसभा लागू करने की दिशा में काम कर रही है, जो पेसा कानून 1996 की मूल भावना के खिलाफ है। प्रतिनिधि...