लोहरदगा, जून 11 -- लोहरदगा, संवाददाता। आदिवासी पारंपरिक बहुस्तरीय व्यवस्था, लोहरदगा जिला के प्रतिनिधियों ने आईआरएस अधिकारी निशा उरांव के नेतृत्व में शुक्रवार को उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर पारंपरिक ग्राम सभाओं, रूढ़िजन्य कानूनों तथा धार्मिक-सांस्कृतिक अधिकारों के संरक्षण की मांग की है। यह भी पढ़ें- धर्मकोड और अधिकारों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन का ऐलानग्राम सभा की मान्यता प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि जिले में माडल ग्राम सभा के नाम पर ऐसी नई व्यवस्थाएं विकसित की जा रही हैं, जो आदिवासी समाज की पारंपरिक ग्राम सभा व्यवस्था और पेसा कानून की मूल भावना के विपरीत हैं। संगठन ने मांग की कि केवल ग्राम प्रधान, हातु मुंडा, महतो, पाहन और पाइनभरा जैसे पारंपरिक पदों वाली ग्राम सभाओं को ही मान्यता दी जाए।धर्मांतरित आदिवासियों का मुद्दा ज्ञापन में धर्मांतरित आ...