रांची, जनवरी 4 -- रांची, वरीय संवाददाता। हेमंत सरकार के द्वारा दिसंबर 2025 में कैबिनेट से मंजूर की गई नियमावली में पेसा एक्ट 1996 की मूल भाावना और प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन किया गया है। यह आदिवासी स्वशासन को मजबूत करने के बजाय राज्य नियंत्रण को बढ़ावा देती है और ग्रामसभा की शक्तियों को कमजोर करती है। यह बातें रविवार को करम टोली धुमकुड़िया में हुई संयुक्त प्रेसवार्ता में कही गई और झारखंड पेसा नियमावली 2025 की आलोचना की गई। आयोजन आदिवासी बचाओ मोर्चा व अन्य आदिवासी संगठनों ने किया था। लक्ष्मीनारायण मुंडा ने कहा कि कानूनी आधार पर उल्लंघन पेसा एक्ट परंपरागत कानूनों से सुसंगत राज्य विधान की मांग करता है, लेकिन नियमावली झारखंड पंचायत राज अधिनियम 2001 की धारा 131 के तहत बनी है, जो पेसा की धारा 4 (एन) का स्पष्ट उल्लंघन है। इससे उच्च पंचायतों व ...
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