नई दिल्ली, अप्रैल 6 -- नई दिल्ली, वरिष्ठ संवाददाता। राजधानी की जेलों में नई व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत पहली बार अपराध करने में जेल पहुंचे कैदी पेशेवर और आदतन अपराधियों की बैरक से दूर रखे जाएंगे। ऐसे कैदियों के लिए अलग वार्ड तय किए गए हैं। नई व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नए कैदी पेशेवर अपराधियों के संपर्क में न आएं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम जेल सुधार प्रणाली को मजबूत करने और कैदियों के पुनर्वास में अहम भूमिका निभाएगा। जेल मुख्यालय की जारी गाइडलाइन के अनुसार अब 'फर्स्ट टाइम ऑफेंडर' की पहचान इस आधार पर की जाएगी कि संबंधित व्यक्ति पहली बार जेल में दाखिल हुआ है। यदि न्यायिक हिरासत के दौरान उसके खिलाफ अन्य मामले भी दर्ज हो जाते हैं, तब भी उसे पहली बार अपराधी की श्रेणी में ही रखा जाएगा। ऐसे कैदियों को तिहाड़ की जेल ...