देहरादून, अप्रैल 23 -- भारतीय स्वाधीनता संग्राम के गौरवशाली अध्याय 'पेशावर कांड' के 96 वर्ष पूरे होने पर राजधानी देहरादून में वीर चंद्र सिंह गढ़वाली और उनके साथी नायकों को याद किया गया। सीपीआई (एम) के जिला एवं राज्य कार्यालय में आयोजित संगोष्ठी में वक्ताओं ने 23 अप्रैल 1930 की उस ऐतिहासिक घटना पर प्रकाश डाला, जिसने ब्रिटिश हुकूमत की नींव हिला दी थी। गुरुवार को संगोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि पेशावर के किस्साखानी बाजार में जब अंग्रेज अफसर ने निहत्थे पठानों पर गोली चलाने का आदेश दिया, तब हवलदार चंद्र सिंह गढ़वाली ने 'गढ़वाली, सीज फायर' का नारा देकर इतिहास बदल दिया। गढ़वाली पल्टन के इस साहस ने न केवल हजारों बेगुनाहों की जान बचाई, बल्कि साम्प्रदायिक एकता की मिसाल भी पेश की। यह भी पढ़ें- पेशावर कांड के शहीदों और वीर चंद्र सिंह गढ़वाली को किया या...