बगहा, मई 16 -- बेतिया/एक संवाददाता बार-बार परीक्षा रद्द होने से छात्रों को केवल मानसिक तनाव ही नहीं बल्कि आर्थिक और शारीरिक परेशानियों का भी सामना करना पड़ रहा है। गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार अपने बच्चों की पढ़ाई और कोचिंग पर लाखों रुपये खर्च करते हैं, लेकिन जब परीक्षा रद्द होती है तो छात्रों के सपनों के साथ-साथ परिवार की उम्मीदें भी टूट जाती हैं। कई छात्र डिप्रेशन का शिकार हो रहे हैं।उक्त बाते इंडिया यूथ फ़ेडरेशन के प्रदेश उपाध्यक्ष तारीक अनवर ने कही।वे शनिवार को छात्र छात्राओं के द्वारा निकाले गए विरोध जुलुस को सम्बोधित करते हुए बोल रहे थे।एआईवाईएफ के बैनर तले बड़ी संख्या में युवाओं और छात्रों ने शहर में जुलूस निकालकर नीट परीक्षा तथा सहायक शिक्षा अधिकारी परीक्षा रद्द किए जाने के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया।प्रदर्शनकारियों यह भी पढ़ें- नीट...