पेपर लीक करवाना हत्या से भी जघन्य अपराध, HC का पूर्व IAS को जमानत देने से इनकार
रायपुर, अगस्त 7 -- छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) परीक्षा गड़बड़ी मामले में सीबीआई द्वारा गिरफ्तार किए गए सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी की जमानत अर्जी खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्न-पत्र लीक करवाना हत्या के अपराध से भी अधिक जघन्य है। यह लाखों उम्मीदवारों के करियर को बर्बाद कर देता है और समाज पर बुरा असर डालता है। 62 साल के आरोपी जीवन किशोर ध्रुव को सीबीआई ने सितंबर 2025 में गिरफ्तार किया था। वह 2020-2022 भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के समय सीजीपीएससी के सचिव के तौर पर काम कर रहे थे। जीवन किशोर के बेटे सुमित ध्रुव भी इस मामले में आरोपी हैं। वह भर्ती परीक्षा में डिप्टी कलेक्टर के तौर पर चुने गए थे। जस्टिस बिभू दत्ता गुरु ने 31 जुलाई को जीवन किशोर ध्रुव की जमानत अर्जी पर आदेश सुरक्षित...
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