नई दिल्ली, अक्टूबर 8 -- सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को पंजाब सरकार को निर्देश दिया कि वह उन इलाकों में मुआवजे के तौर पर पेड़ लगाने के लिए पर्याप्त जमीन देने का प्रस्ताव दे, जहां एनएचएआई को सड़कें बनाने के लिए जमीन की जरूरत है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने पंजाब में घटते वन क्षेत्र और पेड़ लगाने की योजना को लागू न किए जाने पर चिंता जताई। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि हाईकोर्ट ने पंजाब में पेड़ काटने पर रोक लगाने का लगातार चलने वाला आदेश (कंटीन्यूइंग मैंडमस) जारी किया है, जिससे सार्वजनिक सड़कें बनाने में दिक्कत आ रही है।मेहता ने कहा कि लगातार चलने वाला आदेश नहीं हो सकता। हम मुआवजे के तौर पर पेड़ लगाने की कानूनी जरूरत से बंध...