नई दिल्ली, मई 20 -- सांस लेने का तरीका आपकी सेहत तय करता है। सुनकर अजीब लगेगा लेकिन ये सच है। आयुर्वेद के बाद साइंस ने भी माना है कि पेट से सांस लेना यानी डायफ्रामेटिक ब्रीदिंग आपकी हेल्थ को इंप्रूव करने में मदद करती है। स्ट्रेस कम करने के लिए डायफ्रामेटिक ब्रीदिंग बेहद जरूरी है। दरअसल, आमतौर पर जब हम सांस लेते हैं तो केवल गर्दन के आसपास की मसल्स का ही इस्तेमाल करते हैं। लेकिन फेफड़ों का पूरा इस्तेमाल करने के लिए डायफ्राम की मदद ली जाती है। जिससे गहरी सांस लेते हैं।क्या है डायफ्रेमिटक ब्रीदिंग लंग्स के निचले हिस्से में डायफ्राम होता है जो सांस लेने के लिए ही बना है। लेकिन आमतौर पर इंसान इस हिस्से का यूज नहीं करता। जब गहरी पेट की मदद से सांस ली जाती है तो वो पूरी डायफ्राम तक जाती है। जिससे धीरे-धीरे और ज्यादा आक्सीजन लेकर ब्रीदिंग की जाती ...