पेट के लिए मौसम की मार सहने पर मजबूर भारत के 'गिग वर्कर्स'
दिल्ली, मई 29 -- भारत में विभिन्न क्षेत्रों में काम करने वाले लाखों "गिग वर्कर्स" पेट के लिए मौसम की मार सहने पर मजबूर हैं.आईआईटी दिल्ली की ओर से की गई एक स्टडी में गिग वर्कर्स के जीवन की बदहाली की गंभीर तस्वीर सामने आई है.देश में "गिग वर्करों" की संख्या तेजी से बढ़ रही है.वर्ष 2021 में जहां यह संख्या करीब 77 लाख थी वहीं इस साल यह बढ़ कर 1.20 करोड़ तक पहुंच गई है और वर्ष 2030 तक यह आंकड़ा 2.35 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है.गिग वर्कर्स वे लोग होते हैं जो स्थायी तौर पर कहीं काम करने की बजाय कांट्रैक्ट के आधार पर अस्थायी रूप से काम करते हैं.ऑनलाइन फूड डिलीवरी, क्विक कॉमर्स, राइड शेयरिंग और ई-कामर्स प्लेटफार्म की तादाद बढ़ने के साथ ही ऐसे कामगरों की संख्या भी तेजी से बढ़ी है.इस समय देश के विभिन्न इलाके कड़ी गर्मी और लू से जूझ रहे हैं, लेकिन ऐ...
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