सासाराम, सितम्बर 7 -- सासाराम, हिन्दुस्तान संवाददाता। जिस उम्र में हाथों में किताब और कंधों पर स्कूल का बस्ता होना चाहिए, उसी उम्र में सात साल की मासूम कचरे के ढेर में प्लास्टिक तलाश रही है। रविवार को पुरानी जीटी रोड पर पिता के साथ कचरा बीनती बच्ची की तस्वीर ने शहर की चमक-दमक के पीछे छिपी गरीबी की कड़वी हकीकत सामने ला दी। पिता ठेले पर कचरा लादते रहे और बच्ची उसी गंदगी के बीच बैठकर थकान मिटाती रही। पेट की आग ने उसके बचपन को खेल और पढ़ाई से दूर कर जिंदगी की जद्दोजहद में धकेल दिया है।

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