सिद्धार्थ, मई 9 -- सिद्धार्थनगर, निज संवाददाता। जिले में खाड़ी युद्ध के साथ शुरू हुआ पेट्रोल-डीजल का संकट युद्ध विराम के बाद भी खत्म होता नजर नहीं आ रहा है। कंपनियों द्वारा पेट्रोल-डीजल बेचने का कोटा फिक्स करने से वाहन चालक तो परेशान हैं ही पंप संचालकों की भी मुसीबत बढ़ गई है। एक दिन में एक हजार लीटर पेट्रोल, दो हजार से अधिक डीजल नहीं बेच सकते हैं। एक बार आया टैंकर दोबारा पांचवें दिन ही मिलेगा।

नए फरमान से बढ़ी मुसीबतें पेट्रोल-डीजल संकट को कम करने के लिए तमाम उपायों के बीच जारी नए फरमान ने पंप संचालकों के साथ वाहन चालकों की मुसीबतें बढ़ा दी हैं। नई व्यवस्था से जहां पेट्रोल मिलेगा वहां पर लंबी लाइनें लगी रहेंगी। कई तेल होते हुए भी ड्राई नजर आएंगे। दरअसल कंपनियों ने तेल सप्लाई का कोटा कम करने के साथ यह निर्धारित कर दिया है कि एक दिन में क...