नई दिल्ली, मई 28 -- पेट्रोल-डीजल की किल्लत सोशल मीडिया की सुर्खियां तो हैं ही, अखबारों और न्यूज चैनलों में भी छाई हुई हैं। किल्लत की खबर चाहे गोरखपुर से हो या देवरिया से, रत्नागिरि से हो या भावनगर से या फिर महराजगंज से हो या डिंगुरपुर से, हर खबर को HPCL ने अपने X हैंडल पर सिरे से खारिज कर दिया है। हालांकि, ऑयल मार्केटिंग कंपनियां भरपूर सप्लाई का लाख दावा करें, लेकिन हकीकत इससे जुदा है। यही नहीं सरकार भी कह रही कि देश में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है तो सवाल उठता है कि कहीं पंपों पर "डीजल नहीं है" तो कहीं "पेट्रोल नहीं है" के बोर्ड क्यों लटके हैं? पंपों पर कतारे क्यूं लग रही हैं?पंपों से कौन ले जा रहा पेट्रोल-डीजल इसका जवाब भी सरकार ने ही दिया है। सरकार के मुताबिक असली समस्या ईंधन की कमी नहीं बल्कि "आर्बिट्रेज" है। यानी कुछ औद्योगिक ...