नई दिल्ली, जून 18 -- अमेरिका और ईरान के बीच जंग का अंत हो गया है। इस शांति समझौते की घोषणा ने वैश्विक बाजारों को राहत दी है। इस समझौते के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने का प्रस्ताव है। इस कदम से भारत की अर्थव्यवस्था को कई मोर्चों पर राहत मिलने की उम्मीद है। दरअसल, इस समझौते की वजह से कच्चे तेल के दाम में बड़ी गिरावट देखी गई है। ब्रेंट क्रूड की कीमत घटकर करीब 77-78 डॉलर प्रति बैरल तक आ गई, जो पिछले तीन महीनों का निचला स्तर है। ऐसे में अब सवाल उठने लगे हैं कि क्या पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस के दाम कम होंगे?क्यों है उम्मीद? भारत जैसे देश अपनी जरूरत का 85 प्रतिशत से अधिक कच्चा तेल आयात करते हैं। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि कच्चे तेल की कीमतें कम होने से भारत का आयात बिल कम हो जाएगा। हालांकि, इसका मतलब ये नहीं कि पेट्रोल, डीजल और एलप...