सीतामढ़ी, मार्च 19 -- जैविक खाद के प्रयोग से मिट्टी होती है उपजाऊ पुपरी। बिहार कौशल विकास मिशन अंतर्गत कृषि विज्ञान केंद्र सीतामढ़ी में वर्मिकम्पोस्ट उत्पादन पर 10 दिवसीय प्रशिक्षण की शुरुआत की गई। मुख्य अतिथि डॉ अरविन्द कुमार सहायक निदेशक चावल विकास निदेशालय, पटना एवं कृषि विज्ञान केंद्र सीतामढ़ी के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ राम ईश्वर प्रसाद ने दीप प्रज्वलित कर इसका शुभारंभ किया।इस अवसर पर मुख्य अतिथि ने कहा कि वर्मिकम्पोस्ट एक प्रकार का जैविक खाद है जिसके प्रयोग करने से मिट्टी टिकाऊ होता है एवं पैदावार बढ़ जाता है। इसमें सभी प्रकार के पोषक तत्व भी पाए जाते हैं जो किसी भी फसल के उत्पादन में लागत खर्च को कम करता है। केंद्र के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान वैज्ञानिक ने बताया कि वेर्मिकम्पोस्ट के उत्पादन के लिए 75 घनफिट का एक टैंक बनाया जाता है...