शाहजहांपुर, सितम्बर 25 -- शाहजहांपुर, वरिष्ठ संवाददाता। ककरा कला में खूंखार कुत्तों के झुंड के हमले में 11 वर्षीय सवालिया की मौत के चार महीने बाद भी शहर में कुत्तों के आतंक से निपटने की व्यवस्था जमीन पर नहीं उतर सकी है। बच्ची की मौत के बाद देर रात तक हुई बैठकों में तत्काल शेल्टर होम बनाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन 25 सितंबर तक एक भी शेल्टर होम नहीं बन सका। नगर निगम अब शासन की मंजूरी का इंतजार कर रहा है। दूसरी ओर मोहल्लों और गलियों में आवारा कुत्तों के झुंड लोगों के लिए खतरा बने हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले में रोजाना करीब 1700 से 2000 तक कुत्ते, बंदर और बिल्ली के काटने के मामले सामने आ रहे हैं। आंकड़े बता रहे हैं कि समस्या कितनी बड़ी है, लेकिन चार महीने बाद भी कुत्तों को नियंत्रित करने की स्थायी व्यवस्था शुरू नहीं...