नई दिल्ली, अगस्त 23 -- नई दिल्ली। पटियाला हाउस कोर्ट ने 13 वर्ष पुराने पेचकस घोपने के मामले में दो दोषियों को जेल भेजने के बजाय एक साल के लिए अच्छे आचरण की परिवीक्षा पर रिहा करने का आदेश दिया है। अदालत ने कहा कि वर्ष 2013 से मुकदमे, सुनवाई और अपील की प्रक्रिया झेल रहे दोषियों को इतने लंबे समय बाद जेल भेजने से कोई सार्थक या सुधारात्मक उद्देश्य पूरा नहीं होगा।

अभियोजन का विवरण अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सौरभ प्रताप सिंह लालेर की अदालत ने अमरीश ठाकुर उर्फ मिर्ची और योगेंद्र लाल उर्फ झुनझुन की अपील पर यह आदेश दिया। दोनों ने जुलाई 2025 में मजिस्ट्रेट अदालत की ओर से सुनाई गई छह महीने की साधारण जेल की सजा को चुनौती दी थी। दोनों को भारतीय दंड संहिता की धारा 324 और 341 के तहत दोषी ठहराया गया था।

घटना का विवरण अभियोजन के मुताबिक, 19 अक्तूबर 2013 को ...