पेंशन के लिए दो देशों में भटक रही नेपाल की 'हरुली आमा'
हल्द्वानी, जुलाई 28 -- हल्द्वानी। 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में शामिल रहे भारतीय सेना के वीर जवान स्व.बीरबल की पत्नी हरुली देवी (हरुली आमा) पिछले नौ वर्षों से पेंशन के लिए भारत और नेपाल के सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रही हैं। दस्तावेजों में तकनीकी दिक्कत के कारण पेंशन स्वीकृत नहीं हो पा रही है। हालांकि सैनिक कल्याण विभाग उनकी परेशानी को दूर करने में लगा है। मूल रूप से कंचनपुर नेपाल निवासी बीरबल भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हुए थे। वर्ष 2017 में उनके निधन के बाद से ही उनका परिवार गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा है। वीर सैनिक की पत्नी होने के बावजूद हरुली देवी को आज तक पारिवारिक पेंशन का लाभ नहीं मिल सका है। कभी भारत से नेपाल के दफ्तरों में दस्तावेज भेजने की बात कही जाती है तो कभी दस्तावेजों में नाम की स्पेलिंग की गलतियां बाधा बन रही हैं。 यह ...
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