पेंशन और दस्तावेजों के लिए भटक रहे बुजुर्ग, प्रशासनिक प्रक्रियाओं ने बढ़ाई परेशानी
फरीदाबाद, जून 21 -- फरीदाबाद, सरसमल। बुजुर्गों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ दिलाने के सरकारी दावों के बीच जिले में कई वरिष्ठ नागरिक जरूरी सुविधाओं के लिए भटकने को मजबूर हैं। नीमका और झाड़सेंतली गांव के बुजुर्गों ने पेंशन और दस्तावेज सुधार से जुड़ी समस्याओं को लेकर प्रशासनिक उदासीनता पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि लगातार चक्कर लगाने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। गांव नीमका निवासी 87 वर्षीय गणेश चंद चौधरी और उनकी 85 वर्षीय पत्नी चन्द्रमां चौधरी पिछले कई वर्षों से बुढ़ापा पेंशन का इंतजार कर रहे हैं। मूल रूप से बिहार के समस्तीपुर जिले के रहने वाले दंपति वर्ष 2018 से नीमका में रह रहे हैं। यह भी पढ़ें- वृद्धावस्था पेंशन में आयु सत्यापन को आधार कार्ड मान्य नहीं परिवार के अनुसार दो वर्ष पहले दोनों की पेंशन के लिए आवेदन क...
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