दुमका, जून 13 -- दुमका, प्रतिनिधि। पेंशनर समाज कार्यालय में शनिवार को उपाध्यक्ष श्याम देवी यादव की अध्यक्षता में एक बैठक हुई। बैठक में मुख्य रूप से भारत सरकार द्वारा 25 मार्च 2025 को संसद द्वारा पारित वैलिडेशन एक्ट का पुरजोर विरोध किया गया। सचिव तारिणी प्रसाद कामत ने बताया कि पेंशनर विरोधी वेलिडेशन एक्ट सर्वोच्च न्यायालय के द्वारा इस कानून को 1 जून 1972 से ही प्रभावी माना गया है यानी पेंशन के संबंध में 1972 के बाद जो भी कानून बना है सब पर या लागू होगा। इस कानून में स्पष्ट है कि सरकार को पेंशनरों के बीच सेवानिवृत्ति की तिथि के आधार पर अंतर या वर्गीकरण करने का अधिकार है। यानी सरकार उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश द्वारा स्पष्ट किया गया है कि पेंशनरों में विभेद नहीं किया जा सकता। पेंशन अनुदान नहीं है। वेतन और पेंशनभोगी दोनों को वेतन आयोग का समा...