हल्द्वानी, मार्च 18 -- हल्द्वानी। उत्तराखंड सेवानिवृत्त कार्मिक समन्वय समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक बुधवार को बद्रीपुरा स्थित संघ भवन में आयोजित की गई, जिसमें केंद्र सरकार के केन्द्रीय सिविल सेवा (पंचम) वैधता अधिनियम 2025 को लेकर गहरी नाराजगी जताई गई। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि आगामी 25 मार्च को संसद द्वारा पारित इस अधिनियम के चलते 1 जनवरी से पूर्व सेवानिवृत्त कर्मचारियों को संभावित आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों से वंचित रखने का प्रावधान किया गया है, जिससे पेंशनर्स के हितों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। समिति ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि अधिनियम के एक वर्ष पूर्ण होने पर 25 मार्च को विरोध दिवस मनाया जाएगा। इस अवसर पर जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा जाएगा। बैठक की अध्यक्षता नवीन कांडपाल ने की, जबकि संचालन सचिव विजय तिव...